थलपति विजय की ‘जन नायकन’ को बड़ा झटका, मद्रास हाई कोर्ट ने आरोपियों की जमानत ठुकराई

नई दिल्ली: अभिनेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म जन नायकन एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म जहां अभी तक सेंसर प्रमाणन की प्रक्रिया में अटकी हुई है, वहीं इसके कथित ऑनलाइन लीक मामले में मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा दावा किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि फिल्म रिलीज से पहले ही कथित तौर पर करीब 1.2 करोड़ लोगों तक पहुंच चुकी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं और जांच जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत?

2 जुलाई को हुई सुनवाई में मद्रास हाई कोर्ट ने आरोपी एस. रजनी, जयप्रकाश और एक अन्य आरोपी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े डिजिटल पाइरेसी मामलों में से एक हो सकता है। सरकारी पक्ष का कहना था कि यदि इस चरण में आरोपियों को राहत दी जाती है तो जांच प्रभावित होने, सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका बनी रहेगी।

अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए फिलहाल आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया।

कैसे लीक हुई फिल्म?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी एक फ्रीलांस फिल्म एडिटर है।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने एक एडिटिंग स्टूडियो से फिल्म की डिजिटल फाइलें हार्ड ड्राइव में कॉपी कीं। इसके बाद कथित तौर पर अलग-अलग फुटेज को जोड़कर पूरी फिल्म तैयार की गई और उसे गूगल ड्राइव पर अपलोड किया गया। यहीं से फिल्म विभिन्न पाइरेसी प्लेटफॉर्म तक पहुंच गई।

हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

मुख्य आरोपी एक फ्रीलांस फिल्म एडिटर है, उसने एडिटिंग स्टूडियो से फिल्म की फाइलें हार्ड ड्राइव में कॉपी की थीं। उसने इन फुटेज को एक पूरी फिल्म में बदला और गूगल ड्राइव पर अपलोड किया, जहां से यह पाइरेसी प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचीं।

चेन्‍नई पुल‍िस

21 आरोपी नामजद, दो अब भी फरार

चेन्नई पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और अब तक केवल प्रारंभिक आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया है।

जांच के अनुसार, इस मामले में 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से दो आरोपी अभी भी फरार हैं।

पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों की तलाश इसलिए भी जरूरी है क्योंकि कथित पाइरेसी नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अप्रैल में ऑनलाइन लीक हुई थी फिल्म

रिपोर्टों के मुताबिक, 9 और 10 अप्रैल 2026 की रात फिल्म के कुछ दृश्य और बाद में पूरी फिल्म कथित तौर पर इंटरनेट पर लीक हो गई थी।

इसके बाद फिल्म के निर्माताओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को फिल्म की अनधिकृत ऑनलाइन स्क्रीनिंग रोकने के लिए अंतरिम आदेश प्राप्त किया। इसके बाद यह मामला बड़े स्तर की डिजिटल पाइरेसी जांच में बदल गया।

अभी भी सेंसर प्रमाणन का इंतजार

‘जन नायकन’ की रिलीज पहले इसी वर्ष की शुरुआत में प्रस्तावित थी, लेकिन सेंसर प्रमाणन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण फिल्म अब तक सिनेमाघरों में नहीं पहुंच सकी है।

रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म को एक शिकायत मिलने के बाद पुनरीक्षण समिति के पास भेजा गया था, जहां इसकी समीक्षा की जा रही है। फिल्म पिछले वर्ष दिसंबर में ही प्रमाणन के लिए जमा कराई गई थी।

जुलाई में रिलीज की अटकलें

फिल्म उद्योग से जुड़ी रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि यदि सेंसर से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाती है तो ‘जन नायकन’ को जुलाई 2026 में रिलीज किया जा सकता है।

हालांकि, फिल्म के निर्माता या संबंधित पक्ष की ओर से रिलीज की तारीख को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

दमदार स्टारकास्ट से सजी है फिल्म

निर्देशक एच. विनोद के निर्देशन में बनी ‘जन नायकन’ में थलपति विजय के अलावा बॉबी देओल, पूजा हेगड़े, ममिता बैजू, प्रकाश राज और गौतम वासुदेव मेनन अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

फिल्म का निर्माण KVN Productions ने किया है। दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई है, लेकिन अब इसकी रिलीज सेंसर प्रक्रिया और चल रही जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।

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