तंबाकू का सेवन दुनिया भर में कई गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। चाहे धूम्रपान हो या अन्य किसी रूप में तंबाकू का इस्तेमाल, यह शरीर के लगभग हर अंग पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों से तंबाकू से दूरी बनाने की अपील करते हैं। अच्छी बात यह है कि तंबाकू छोड़ने का फैसला जितना कठिन लगता है, उससे कहीं अधिक इसके स्वास्थ्य लाभ होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, तंबाकू छोड़ने के केवल 20 मिनट बाद ही शरीर खुद को ठीक करने की प्रक्रिया शुरू कर देता है। समय के साथ ये सकारात्मक बदलाव और भी स्पष्ट होने लगते हैं, जिससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।
शरीर पर निकोटिन का क्या असर पड़ता है?
तंबाकू में मौजूद निकोटिन एक ऐसा पदार्थ है, जो तेजी से शरीर और मस्तिष्क को प्रभावित करता है। लंबे समय तक इसके सेवन से हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, स्ट्रोक, मुंह और फेफड़ों के कैंसर सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
इसके अलावा, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के आसपास मौजूद लोग भी निष्क्रिय धूम्रपान के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों का सामना कर सकते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाने की सलाह देते हैं।
सिर्फ 20 मिनट बाद शुरू हो जाते हैं सकारात्मक बदलाव
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार, तंबाकू छोड़ने के लगभग 20 मिनट बाद ही शरीर में रिकवरी की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस दौरान हृदय गति और रक्तचाप धीरे-धीरे सामान्य स्तर की ओर लौटने लगते हैं। यह शरीर की ओर से मिलने वाला पहला सकारात्मक संकेत माना जाता है कि वह खुद को स्वस्थ बनाने का प्रयास कर रहा है।
हालांकि शुरुआती दिनों में निकोटिन की कमी के कारण कुछ लोगों को बेचैनी, चिड़चिड़ापन या तलब महसूस हो सकती है। यह स्थिति अस्थायी होती है और समय के साथ सामान्य होने लगती है।
24 से 48 घंटे में क्या होता है?
तंबाकू छोड़ने के लगभग 24 घंटे के भीतर शरीर से निकोटिन बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसके साथ ही शरीर धीरे-धीरे खुद को साफ करने का काम भी शुरू कर देता है।
वहीं, करीब 48 घंटे बाद स्वाद और सूंघने की क्षमता में सुधार महसूस होने लगता है। कई लोगों को भोजन पहले की तुलना में अधिक स्वादिष्ट लगने लगता है और गंध पहचानने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है। यह बदलाव इस बात का संकेत होता है कि शरीर धीरे-धीरे सामान्य कार्यप्रणाली की ओर लौट रहा है।
कुछ महीनों में फेफड़ों की कार्यक्षमता में आता है सुधार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तंबाकू छोड़ने के लगभग दो महीने बाद फेफड़ों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है। इस दौरान सांस लेने में आसानी महसूस होती है और रोजमर्रा के काम करते समय थकान पहले की तुलना में कम हो सकती है।
कई लोगों में खांसी और सांस फूलने जैसी समस्याओं में भी धीरे-धीरे कमी आने लगती है। हालांकि सुधार की गति व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और पहले कितने समय तक तंबाकू का सेवन किया गया, इस पर भी निर्भर करती है।
एक साल बाद दिल की बीमारी का खतरा होता है कम
विशेषज्ञ बताते हैं कि तंबाकू छोड़ने के लगभग एक वर्ष बाद दिल के दौरे का खतरा पहले की तुलना में काफी कम हो जाता है। नियमित धूम्रपान करने वालों में हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम अधिक होता है, लेकिन तंबाकू से दूरी बनाकर इस खतरे को धीरे-धीरे कम किया जा सकता है।
यही कारण है कि किसी भी उम्र में तंबाकू छोड़ने का फैसला हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
लंबे समय में और भी मिलते हैं बड़े फायदे
तंबाकू छोड़ने के लाभ केवल शुरुआती दिनों तक सीमित नहीं रहते। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग 10 वर्ष तक तंबाकू से दूर रहने पर फेफड़ों के कैंसर का खतरा पहले की तुलना में काफी कम हो सकता है।
इसके अलावा, मुंह, गले और अन्य अंगों से जुड़े कई प्रकार के कैंसर तथा गंभीर बीमारियों का जोखिम भी धीरे-धीरे घटने लगता है। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि तंबाकू छोड़ने का निर्णय किसी भी उम्र में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
तंबाकू की लत छोड़ने में मिल सकती है विशेषज्ञों की मदद
कई लोगों के लिए तंबाकू छोड़ना आसान नहीं होता, क्योंकि निकोटिन की लत शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर असर डालती है। ऐसे में अकेले संघर्ष करने के बजाय विशेषज्ञों की मदद लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने तंबाकू छोड़ने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए 1800-112-356 टोल-फ्री सहायता सेवा उपलब्ध कराई है। इस हेल्पलाइन पर सोमवार को छोड़कर सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। यहां तंबाकू छोड़ने से जुड़ी सलाह और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
तंबाकू छोड़ते समय किन बातों का रखें ध्यान?
विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू छोड़ने के शुरुआती दिनों में परिवार और दोस्तों का सहयोग काफी मददगार साबित हो सकता है। नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और तनाव कम करने वाली गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करने से निकोटिन की तलब पर काबू पाने में सहायता मिल सकती है।
यदि जरूरत महसूस हो, तो डॉक्टर की सलाह से निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी या अन्य उपचार विकल्पों का भी सहारा लिया जा सकता है।
निष्कर्ष
तंबाकू छोड़ने का असर केवल लंबे समय बाद ही नहीं, बल्कि सिर्फ 20 मिनट के भीतर शरीर में दिखाई देना शुरू हो जाता है। समय बीतने के साथ रक्तचाप, हृदय गति, स्वाद और सूंघने की क्षमता, फेफड़ों की कार्यक्षमता तथा हृदय स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं, लंबे समय तक तंबाकू से दूरी बनाए रखने पर कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है।
यदि आप तंबाकू छोड़ने की योजना बना रहे हैं, तो याद रखें कि शुरुआत का हर कदम आपके बेहतर स्वास्थ्य की ओर बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लेने में संकोच न करें, क्योंकि सही मार्गदर्शन इस सफर को आसान बना सकता है।

