शराब या सिगरेट, किसकी लत पहले छोड़ें? जानिए एम्स के विशेषज्ञों की राय

शराब और सिगरेट दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती हैं। हालांकि, कई लोगों की जीवनशैली में ऐसा देखने को मिलता है कि वे सप्ताहांत पर शराब पीते हैं, जबकि रोजाना केवल एक या दो सिगरेट पीने की आदत रखते हैं। ऐसे में उनके मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि यदि दोनों आदतों को छोड़ना हो, तो शुरुआत किससे करनी चाहिए।

इस सवाल पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने अपनी राय साझा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों ही आदतों से पूरी तरह दूरी बनाना सबसे बेहतर विकल्प है। हालांकि यदि किसी व्यक्ति के लिए दोनों को एक साथ छोड़ना मुश्किल हो, तो शुरुआत शराब छोड़ने से करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सिगरेट को सुरक्षित मान लिया जाए या उसे लंबे समय तक जारी रखा जाए।

डॉक्टरों ने क्या दी सलाह?

एम्स के डॉक्टर डॉ. मानव मनचंदा के अनुसार, अधिकांश लोगों के लिए सिगरेट छोड़ना शराब की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। निकोटिन की लत कई बार इतनी मजबूत हो जाती है कि व्यक्ति बार-बार सिगरेट पीने की इच्छा महसूस करता है।

इसी वजह से यदि कोई व्यक्ति दोनों आदतों से छुटकारा पाना चाहता है, तो शुरुआत शराब छोड़ने से करना एक व्यावहारिक कदम हो सकता है। इससे व्यक्ति को एक आदत पर नियंत्रण पाने का आत्मविश्वास मिलता है और बाद में सिगरेट छोड़ने की दिशा में भी आगे बढ़ना आसान हो सकता है।

हालांकि डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि यह केवल शुरुआत की रणनीति हो सकती है। अंतिम लक्ष्य शराब और सिगरेट, दोनों से पूरी तरह छुटकारा पाना ही होना चाहिए।

क्या शराब छोड़ना पहले सही फैसला हो सकता है?

एम्स के डॉक्टर डॉ. सुनील कुमार के अनुसार, सिगरेट का हर कश शरीर में हजारों हानिकारक रासायनिक पदार्थ पहुंचाता है। इसका असर केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हृदय, रक्त वाहिकाओं और शरीर के कई अन्य अंगों पर भी पड़ सकता है।

यही कारण है कि विशेषज्ञ सिगरेट के मामले में “सुरक्षित मात्रा” जैसी किसी अवधारणा को स्वीकार नहीं करते। चाहे कोई व्यक्ति दिन में केवल एक सिगरेट पीता हो या दो, स्वास्थ्य पर उसका नकारात्मक प्रभाव शुरू हो सकता है।

क्या केवल 1-2 सिगरेट पीना भी नुकसानदायक है?

बहुत से लोगों का मानना होता है कि यदि वे दिनभर में केवल एक या दो सिगरेट पीते हैं, तो इससे ज्यादा नुकसान नहीं होगा। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस सोच को गलत बताते हैं।

उनके अनुसार, कम मात्रा में धूम्रपान करने वालों में भी समय के साथ हृदय रोग, स्ट्रोक, फेफड़ों की बीमारियों और कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए धूम्रपान की किसी भी मात्रा को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता।

यही वजह है कि “मैं तो सिर्फ दो सिगरेट पीता हूं” जैसी सोच व्यक्ति को गलत सुरक्षा का एहसास दे सकती है।

शराब और सिगरेट दोनों शरीर को कैसे प्रभावित करते हैं?

शराब और सिगरेट दोनों अलग-अलग तरीकों से शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। अत्यधिक शराब का सेवन यकृत, मस्तिष्क, हृदय और पाचन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। वहीं धूम्रपान फेफड़ों के अलावा पूरे शरीर की रक्त वाहिकाओं और हृदय प्रणाली को प्रभावित करता है।

जब कोई व्यक्ति शराब और सिगरेट दोनों का सेवन करता है, तो कई मामलों में इनके संयुक्त प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और भी बढ़ सकते हैं। इसलिए किसी एक आदत को कम हानिकारक मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं माना जाता।

यदि दोनों आदतें छोड़ना मुश्किल लगे तो क्या करें?

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को एक साथ शराब और सिगरेट छोड़ना कठिन लग रहा है, तो वह चरणबद्ध तरीके से शुरुआत कर सकता है। उदाहरण के लिए, पहले शराब का सेवन पूरी तरह बंद करने का लक्ष्य बनाया जा सकता है और उसके बाद धूम्रपान छोड़ने पर पूरा ध्यान दिया जा सकता है।

हालांकि इस दौरान सिगरेट की संख्या बढ़ाना या यह सोच लेना कि बाद में छोड़ देंगे, सही तरीका नहीं है। दोनों आदतों को छोड़ने के लिए स्पष्ट योजना बनाना जरूरी है।

नशे की लत छोड़ने में विशेषज्ञों की मदद लें

यदि बार-बार कोशिश करने के बावजूद शराब या सिगरेट की आदत नहीं छूट रही है, तो चिकित्सकीय सहायता लेना बेहतर विकल्प हो सकता है। डॉक्टर की सलाह, नशामुक्ति केंद्र, परामर्श सेवाएं और निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी जैसी सुविधाएं कई लोगों के लिए मददगार साबित हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार और दोस्तों का सहयोग भी नशे की आदत छोड़ने की प्रक्रिया को आसान बना सकता है। इसके अलावा नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और तनाव कम करने वाली गतिविधियां भी इस दौरान लाभ पहुंचा सकती हैं।

क्या है सबसे महत्वपूर्ण बात?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि सवाल यह नहीं होना चाहिए कि शराब ज्यादा नुकसान करती है या सिगरेट। असली उद्देश्य दोनों आदतों से स्थायी रूप से छुटकारा पाना होना चाहिए।

यदि शुरुआत के लिए किसी एक आदत को छोड़ना जरूरी हो, तो कुछ लोगों के लिए शराब छोड़ना अपेक्षाकृत आसान पहला कदम हो सकता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि धूम्रपान जारी रखा जाए, क्योंकि सिगरेट की कोई भी मात्रा सुरक्षित नहीं मानी जाती।

निष्कर्ष

एम्स के डॉक्टरों के अनुसार, शराब और सिगरेट दोनों ही स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती हैं। यदि दोनों आदतों को एक साथ छोड़ना संभव न हो, तो शराब छोड़कर शुरुआत करना एक व्यावहारिक रणनीति हो सकती है। हालांकि अंतिम लक्ष्य धूम्रपान और शराब, दोनों से पूरी तरह दूरी बनाना ही होना चाहिए।

यदि आपको इन आदतों को छोड़ने में कठिनाई महसूस हो रही है, तो स्वयं संघर्ष करने के बजाय डॉक्टर या नशामुक्ति विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर रहेगा। सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के साथ इन दोनों आदतों से छुटकारा पाया जा सकता है, जिससे लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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